२ फरवरी 1835 को ब्रिटिश संसद में दिया लार्ड मैकाले का भाषण)
-"मैंने भारत की ओर-छोर की यात्राकी है पर मैंने एक भी आदमी ऐसा नहीं देखा जो भीख मांगता हो या चोर हो। मैंने इस मुल्क में अपार संपदा देखी है। उच्च उदात्त मूल्यों को देखा है। इन योग्यता मूल्यों वाले भारतीयोंको कोई कभी जीत नहीं सकता यह मैंमानता हूं
-"मैंने भारत की ओर-छोर की यात्राकी है पर मैंने एक भी आदमी ऐसा नहीं देखा जो भीख मांगता हो या चोर हो। मैंने इस मुल्क में अपार संपदा देखी है। उच्च उदात्त मूल्यों को देखा है। इन योग्यता मूल्यों वाले भारतीयोंको कोई कभी जीत नहीं सकता यह मैंमानता हूं